अजब इंतज़ार...

कुछ अनकही बातें...
कुछ अनसुलझे सवाल...
कुछ शिकायतें...
कुछ ख्वाहिशें....
कुछ इकरार....
कुछ इजहार....

सब को आज भी इंतज़ार है, 
उस मुलाक़ात का....,

जो कभी नहीं होगी। 

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